
नई दिल्ली। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि देश आई के लिए अनुकूल हालात बनाने के लिए इंडियाए आई मिशन की पहली वर्षगांठ पर एक ऐतिहासिक पहल की गई है। इस मिशन के अंतर्गत, इंडिया आई कंप्यूट पोर्टल छात्रों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और सरकारी विभागों को 67 रुपये प्रति घंटे की दर से जीपीयू, क्लाउड स्टोरेज और अन्य एआई सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेगा। वैष्णव ने इस उपाय को इंडिया के अपने आधारभूत मॉडल को विकसित करने के लिए किया जा रहा नवाचार बताया है। उन्होंने बताया कि इंडिया आई कंप्यूट पोर्टल का उपयोग भारत के इस आधारभूत मॉडल के लिए किया जा रहा है जो अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे है। केंद्रीय मंत्री ने इस उपाय की कोई संलग्न कोषं नहीं होने का भी उल्लेख किया और यह बताया कि यह लाभप्रद नीति सरकार के मिशन का एक बड़ा घटक है। इस ऐतिहासिक पहल के साथ ही, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन ने इस मौके पर भारत में एआई को लागू करने और उपयाग करने के तरीकों में सुधार करने का भी संकल्प जताया। इसके अलावा, मंत्रलय ने एआई और सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों के लिए एक योग्यता ढांचा और इंडिया एआई स्टार्टअप्स ग्लोबल एक्सेलेरेशन कार्यक्रम भी शुरू किया। इस प्रकार, इंडिया आई कंप्यूट पोर्टल की यह पहल स्टार्टअप्स, एप्लिकेशन डेवलपर, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन सिद्ध करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
