एक नींबू की कीमत 13 हजार रुपए … खरीदने के लिए लगी लंबी कतार

एक नींबू की कीमत 13 हजार रुपए ... खरीदने के लिए लगी लंबी कतार
एक नींबू की कीमत 13 हजार रुपए … खरीदने के लिए लगी लंबी कतार

तमिलनाडु । एक नींबू की कीमत अधिकतम कितनी हो सकती है, यदि आप सब्जी भाजी खरीदने के लिए बाजार जाते होंगे तो आपको अच्छे से पता नहीं होगा। नहीं भी जाते होंगे तो सहज ही अनुमान लगा सकते हैं। लेकिन तमिलनाडु में एक नींबू की इतनी कीमत होगी, आप कभी अंदाजा भी नहीं लगा सकते। जी हां, इस नींबू की कीमत 13 हजार रुपए लगी है। इसके बाद भी इस नींबू को खरीदने के लिए ग्राहकों की लंबी कतार है। दरअसल यह एक खास नींबू है और इसका इस्तेमाल तमिलनाडु के इरोड जिले के एक गांव के मंदिर में अनुष्ठान के लिए हुआ था। इस अनुष्ठान के बाद नींबू की नीलामी हुई।उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री मोहोल ने जानकारी दी कि पिछले 10 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ गए हैं, भारत एक वैश्विक महाशक्ति और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने दावा किया कि देश के 50 करोड़ लोग आज मोदी सरकार की किसी न किसी योजना के लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि आज मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस सीटों, सड़क निर्माण, रेलवे, हवाई अड्डों और अन्य क्षेत्रों में 2014 से पहले की तुलना में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों की उपेक्षा की थी और 2014 के बाद सिक्किम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में विकास सुनिश्चित करने के लिए काम किया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में सिक्किम को जैविक राज्य के रूप में मान्यता दी गई है और राज्य को हवाई मार्गों से जोड़ने का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि अब सिक्किम जल्द ही रेल मार्ग से भी जुड़ जाएगा। सिक्किम की एकमात्र पाकिम हवाई अड्डे के बारे में बोलते हुए इसमें खुली बोली लगाई गई और दर्जनों लोगों ने हिस्सा लिया । आखिरी उन्होंने आश्वासन दिया कि यहां से देश के अन्य राज्यों के लिए निर्बाध हवाई बोली थंगराज नाम के श्रद्धालु ने 13 हजार रुपए की लगाई। इसके बाद मंदिर सेवाएं संचालित करने की पहल की जाएगी। मोदी सरकार पूर्वोत्तर राज्यों को प्रबंधन ने यह राशि जमा कराने के बाद वह नींबू थंगराज को सौंप दिया देश का विकास इंजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री का विजन है मंदिर के अधिकारियों के मुताबिक इस नीलामी में एक चांदी की अंगूठी सिक्किम को जैविक खेती में दुनिया का अग्रणी राज्य बनाना है और केंद्र इस और चांदी का सिक्का भी रखा गया था । इसमें अंगूठी की बोली 42 हजार दिशा में सिक्किम को पूरा सहयोग देगा । 100 रुपए लगी, वहीं सिक्के के लिए आखिरी बोली 35 हजार तक गई थी। बता दें कि तमिलनाडु के अलग अलग मंदिरों में होने वाले अनुष्ठान के बाद फलों और अन्य सामग्रियों को नीलाम करने की परंपरा है। दरअसल सामग्रियां तो कम होती है, लेकिन उन्हें अपने घर में सहेज कर रखने की चाहत रखने वालों की संख्या ज्यादा हो जाती है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन खुली बोली लगवाता है और आखिरी बोली लगाने वाले व्यक्ति को वह सामग्री दे दी जाती है। वहीं इससे होने वाली आय को मंदिर के विकास आदि में खर्च किया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक पिछले साल तमिलनाडु के ही विलुप्पुरम जिले में विराजमान भगवान मुरुगन के मंदिर में अनुष्ठान हुआ था । इस अनुष्ठान में भगवान मुरुगन को 9 नींबू चढ़ाए गए थे। अनुष्ठान संपन्न होने के बाद इन नींबुओं की नीलामी हुई और यह नीलामी 2.36 लाख रुपए में छूटी थी। इसमें भी मुख्य अनुष्ठान में शामिल एक नींबू के लिए एक श्रद्धालु ने 50 हजार 500 रुपए चुकाए थे।

एक नींबू की कीमत 13 हजार रुपए ... खरीदने के लिए लगी लंबी कतार
एक नींबू की कीमत 13 हजार रुपए … खरीदने के लिए लगी लंबी कतार