पर्स का वास्तु….

घर का वास्तु, आफिस का वास्तु, आपकी कार का वास्तु, हर चीज में जब आप वास्तु का ध्यान रखते आए हैं तो पर्स में वास्तु का ध्यान क्यों नहीं रखा जा सकता? जिस तरह हमारे आसपास का वातावरण हमें प्रभावित करता है। उसी प्रकार हमारा बैग या पर्स भी हमें प्रभावित करता है। सभी चाहते हैं कि उनका पर्स हमेशा पैसों से भरा रहे और फिजूल खर्च न हो। आय बढ़ाने और फिजूल खर्चों में कमी करने के लिए पर्स का वास्तु भी ठीक करने की आवश्यकता है। कुछ लोग पर्स में ही चाबियां भी रखते हैं, चाबियां रखना अशुभ माना जाता है। किसी भी प्रकार की अपवित्र वस्तु न रखें। फिजूल वस्तुओं को तुरंत निकाल दें। पर्स में सिक्के और नोट दोनों ही अलग-अलग स्थानों पर रखने चाहिएं। पर्स में मृत व्यक्तियों के चित्र रखना भी शुभ नहीं माना जाता। पर्स में संत-महात्मा के चित्र रखे जा सकते हैं। यदि कोई संत या महात्मा देह त्याग चुके हैं तब भी उनके चित्र या फोटो पर्स में रखे जा सकते हैं क्योंकि शास्त्रों के अनुसार देह त्यागने के बाद भी संत-महात्माओं को मृत नहीं माना जाता। पर्स में धार्मिक और पवित्र वस्तुएं रखें। इनसे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जिन्हें देखकर मन प्रसन्न होता है। इन्हें भी रुपए-पैसों से अलग ही रखना शुभ है। पर्स में नोट या सिक्कों के साथ खाने की चीजें नहीं रखनी चाहिए। पर्स में किसी भी प्रकार के बिल या भुगतान से संबंधित कागज नहीं रखने चाहिए। अपने पर्स में एक लाल रंग का लिफाफा रखें। इसमें आप अपनी कोई भी मनोकामना एक कागज में लिख कर रखें। वह शीघ्र पूरी होगी। रात्रि में सोते समय पर्स कभी भी सिराहने न रख कर उसे हमेशा अलमारी में रखें। अपने पर्स में किसी पूर्णिमा को लाल रेशमी कपड़े में चुटकी भर या 21 दाने अखंडित चावल बांध कर छुपा कर रखने से बेवजह खर्च नहीं होता है।

पर्स का वास्तु....