
नई दिल्ली (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का एक लेख साझा करते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न 100 -दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान ने टीबी मुक्त भारत के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि टीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में उल्लेखनीय प्रगति देखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में संपन्न 100 – दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसने टीबी मुक्त भारत के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है, इसे अवश्य पढ़ें नड्डा ने एक्स पोस्ट में कहा कि इस विश्व क्षय रोग दिवस पर मैं इस बात पर बहुत गर्व के साथ विचार करता हूं कि भारत टीबी के खिलाफ लड़ाई में किस तरह से अपनी रणनीति को फिर से लिख रहा है। हाल ही में संपन्न 100- दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान ने न केवल नवाचार की शक्ति का प्रदर्शन किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि समुदायों को संगठित करना कार्यक्रम संबंधी दृष्टिकोण को बदलने जितना ही महत्वपूर्ण है। मामलों पता लगाने में तेजी लाकर, मृत्यु दर को कम करके और नए संक्रमणों को रोककर, इस अभियान ने टीबी मुक्त भारत के लिए एक मजबूत नींव रखी है।
लिए तैयार किया एक मजबूत आधार : पीएम
नई दिल्ली (हि.स.)। राज्यसभा ने मंगलवार को आपदा प्रबंधन संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पास कर चुकी है। इसके साथ ही विधेयक को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई। गृहमंत्री अमित शाह ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक-2024 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सदस्यों को आश्वस्त कराया कि इससे संघीय ढांचे को नुकसान नहीं होगा। सरकार की मंशा आपदा की लड़ाई में केंद्र, राज्य सरकार, पंचायत और प्रत्येक नागरिक को जोड़ने की है। उन्होंने कहा कि अब, चिंताओं को व्यक्त किया जा रहा है कि शक्ति का केंद्रीकरण होगा। यदि आप पूरे बिल को ध्यान से पढ़ते हैं तो कार्यान्वयन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन के साथ है जो राज्य सरकार के अधीन है। इसलिए कहीं भी संघीय संरचना को नुकसान पहुंचाने की कोई संभावना नहीं है। अमित शाह ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य आपदा प्रबंधन से जुड़ी लड़ाई को प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर समय- पूर्व बचाव और उससे भी आगे जाकर इसमें नवाचार और सहभागिता को शामिल करना है । एनडीआरएफ पर लोगों के विश्वास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज एनडीआरएफ की 16 बटालियन काम कर रही हैं । यह आपको थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन मैं कह सकता हूं कि एनडीआरएफ के भगवा रंग के कपड़े लोगों को यह विश्वास दिलातें हैं कि यह आ गए, अब हम बच जाएंगे। गृहमंत्री ने इस दौरान आपदा राहत पर पक्षपात के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग ने आपदा राहत को लेकर एक वैज्ञानिक तंत्र तैयार किया है। मोदी सरकार इस तंत्र के तहत कार्य कर रही है और किसी को भी काम या ज्यादा नहीं दिया गया है। इस दौरान गृहमंत्री ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती साख का उल्लेख किया। गृहमंत्री ने कहा कि पिछले 10 सालों में हम राष्ट्रीय स्तर से ग्लोबल पावर बनकर उभरे हैं। भारत की पहल पर बने आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन के आज 42 देश और 7 अंतर्राष्ट्रीय संगठन सदस्य हैं। यह विधेयक भारत की इस सफल कहानी को लंबे समय तक बनाने रखने के लिए लाया गया है। शाह ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2004-14 में एसडीआरएफ का बजट सिर्फ 38 हजार करोड़ था, जबकि मोदी सरकार में वर्ष 2014-24 में बढ़कर एक लाख 24 हजार करोड़ हो गया । इसी तरह एनडीआरएफ का बजट वर्ष 2004- 14 में 28 हजार करोड़ था, जबकि मोदी सरकार में 2014-24 में बढ़कर 80 हजार करोड़ करने का काम किया गया। शाह ने कहा कि पूरे संसार में सबसे अच्छा कोविड प्रबंधन भारत में हुआ है। पूरा विश्व आज इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहा है।
