
बरपेटा (हिंस)। जिले के हाउली में पिता और पुत्र की मौत सड़क दुर्घटना में नहीं बल्कि एक योजनाबद्ध तरीके से हथौड़े से सिर पर वार कर हत्या की ई थी। इस मामले का खुलासा सोमवार को हाउली थाने के ओसी ने अपनी जांच के बाद किया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बुधवार को बरपेटा के हाउली में एक बोलेरो वाहन की चपेट में आने से पिता अब्दुल मन्नान और उसके पुत्र अब्दुल रज्जाक की मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि पिता-पुत्र की मौत सड़क हादसे में नहीं बल्कि भूमि विवाद में क्रूरता से हत्या की गई। पुलिस के अनुसार इस हत्या को एक दुर्घटना का रूप देने के लिए नुरुल लस्कर और नजीब अली ने बाक्सा जिले के मोइराझार गांव के निवासी वाहन चालक मनोवार अली को 20 हजार रुपए देकर अपने साथ मिला लिया। जांच और पूछताछ के बाद पुलिस नुरुल लस्कर, नजीब अली और बोलेरो वाहन के चालक मनोवार अली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस्तेमाल की बोलेरो वाहन को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित नुरुल लस्कर और नजीब अली मृतक अब्दुल रेज्जक के चाचा के बेटे हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पिता-पुत्र की मौत हादसा नहीं है, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। बताया गया कि एक भूखंड को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार तीनों ने बुधवार की रात को हाउली शहर में फर्नीचर की अपनी दुकान को बंद बाइक से लौट रहे पिता अब्दुल रेज्जाक और उसके पुत्र अब्दुल मन्नान को पीछे से पहले बोलेरो से टक्कर मार कर गिरा दिया और उसके बाद नुरुल लस्कर और नजीब अली ने बोलेरो से उतरकर दोनों के सिर हथौड़े से वार किया । इससे पुत्र अब्दुल मन्नान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता अब्दुलज्जाक को बरपेटा मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान अब्दुल रेज्जाक की गुरुवार रात को मौत हो गई। इस घटना का खुलासा होने के बाद ऑल असम माइनारिटी स्टूडेंट यूनियन (आमसू) ने मांग की है कि हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से फांसी दी जाए।
