
नई दिल्ली। एग्री गोल्ड ग्रुप ऑफ कंपनीज की पोंजी योजनाओं में अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने वाले पीड़ितों के लिए राहत की खबर है। सरकार उन्हें उनकी रकम लौटाएगी। इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एग्री गोल्ड ग्रुप ऑफ कंपनीज की 3,339 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इन संपत्तियों का बाजार मूल्य 6,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। इससे साफ है कि जितनी राशि का चिटफंड घोटाला था, करीब उतनी राशि की संपत्ति ईडी ने जब्त कर ली है। इस कार्रवाई से करीब 32 लाख पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है। ईडी के मुताबिक, मामले में आरोपियों ने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र व तमिलनाडु सहित नौ राज्यों में 6,380 करोड़ रुपये के चिटफंड घोटाले को अंजाम दिया था। इसमें लोगों को निवेश के बदले कई गुना अधिक रकम देने का झांसा देकर फंसाया जा रहा था। 150 शैल कंपनियों के जरिये करोड़ों का लेनदेन ईडी का कहना है, चिटफंड घोटाले में एग्री गोल्ड ग्रुप के अववा वेंकट रामा राव के परिवार के कई सदस्यों की भूमिका संदिग्ध है। शुरुआती जांच में उसके सातों भाइयों के नाम घोटाले से जुड़ रहे थे। जांच में पता चला है कि एग्री गोल्ड ग्रुप ने चिटफंड घोटाले को अंजाम देने से पहले करीब 150 से ज्यादा शैल कंपनियां बनाई और उनके जरिये करोड़ों रुपये का लेनदेन किया।
