
पटना (हिंस)| बिहार जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को बयान जारी कर विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के धरना-प्रदर्शन को राजनीतिक नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि राजद की राजनीति पूरी तरह परिवारवाद पर आधारित है, जहां लालू परिवार को सिर्फ अपने बेटे-बेटियों की चिंता रहती है। सत्ता में रहते हुए उन्होंने कभी गरीब, पिछड़े और वंचित समाज के हक-अधिकार की परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि अब आरक्षण के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले प्रदेश की जनता को गुमराह नहीं कर सकते, क्योंकि उनकी राजनीतिक सच्चाई सबके सामने आ चुकी है। केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरा देश इस सच्चाई से परिचित है कि जातीय गणना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदृष्टि और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। उनके व्यक्तिगत प्रयासों से यह चुनौतीपूर्ण कार्य न केवल सुगमता से संपन्न हुआ, बल्कि निर्धारित समय पर इसके आंकड़े भी प्रकाशित किए गए। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर नीतीश सरकार ने शोषित एवं वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साथ ही, हमें पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई पूरी होने के बाद 75 फीसदी आरक्षण का मार्ग भी शीघ्र ही प्रशस्त होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हमारे नेता ने सामाजिक न्याय के साथ विकास की सोच को न केवल धरातल पर उतारा, बल्कि अपने 19 वर्षों के सफल शासनकाल में शोषित, वंचित और उपेक्षित तबकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। राजद शुरू से ही पारिवारिक न्याय की राजनीति तक सीमित रही है।
