
गेहूं समेत 7 फसल के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध बढ़ा
नई दिल्ली सुरक्षा और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने गेहूं और मूंग समेत सात वस्तुओं पर डेरिवेटिव कारोबार पर निलंबन लगाने के निर्देशों में सुधार करते हुए मार्च, 2026 तक इस प्रतिबंध को बढ़ा दिया है। सेबी ने गेहूं और मूंग के अलावा अन्य कृषि उत्पादों पर निलंबित कारोबार करने की दिशा में स्पष्टता दी है। इस पहल में, सेबी ने कृषि उत्पादों की कीमतों पर अत्यधिक सट्टा और अस्थिरता को कम करने के लिए उत्तरदायित्वपूर्ण कदम उठाया है। डेरिवेटिव कारोबार में निवेशकों को बड़े जोखिम से बचाने के लिए इस प्रतिबंध में वृद्धि की गई है। यह निर्देश मौजूदा सौदों को पूरा करने की अनुमति देता है, लेकिन नए उतार-चढ़ाव में निवेश करने की मनाही करता है । सेबी ने अब निलंबन को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य जिंस बाजारों में स्थायिता और सट्टेबाजी को रोकना है।गेहूं, मूंग, धान, चना, कच्चा पाम तेल, सरसों और सोयाबीन इस निलंबन के परिधि में शामिल हैं। सेबी के इस कदम से किसानों के उत्पादों की कीमतों और खाद्य अभिशासकों को भविष्य में स्थिरता मिलने की उम्मीद है। यह निर्देश स्वीकार करने के बाद बाजार सुरक्षितरता बढ़ाने के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो खासकर अत्यधिक सट्टेबाजी से निपटने में मदद करेगा। सेबी के इस प्रकार के निर्णय सुरक्षित वित्तीय माहौल को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गुणकारी साबित हो सकते हैं।
